चेन्नई, एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शनिवार को कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर द्रमुक सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह तमिलनाडु में पिछले पांच वर्षों के दौरान “हंसी का पात्र” बन गई है।

उन्होंने अपनी पार्टी अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम की 9वीं वर्षगांठ के अवसर पर अपने पार्टीजनों को लिखे एक पत्र में कहा, राज्य में हत्याओं और डकैतियों के बिना एक दिन नहीं जाता है।
उन्होंने द्रमुक सरकार की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि उसके शासन में भ्रष्टाचार और अनियमितताएं पहाड़ की तरह बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में जब से डीएमके ने सत्ता संभाली है, कानून और व्यवस्था इस हद तक हंसी का पात्र बन गई है कि कोई भी कह सकता है कि एक दिन भी हत्या और डकैतियों के बिना नहीं होता है। सरकारी प्रशासन के निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ मंत्रियों तक भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायतों का पहाड़ जैसा ढेर लग गया है।”
डीएमके सरकार जमा हो गई है ₹उन्होंने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हुआ और तमिलनाडु को भारत में सबसे ज्यादा कर्ज वाले राज्यों में पहला स्थान मिला।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को लिखे पत्र में कहा, “मदुरै में 15 मार्च, 2018 को हमारे लाखों पार्टीजनों द्वारा औपचारिक रूप से स्थापित, हमारे आंदोलन को आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण के कारण आगे बढ़ाया जा रहा है।”
इस बात पर जोर देते हुए कि उनकी पार्टी का मार्ग और यात्रा दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्रियों सीएन अन्नादुराई और एमजी रामचंद्रन की राह पर है, उन्होंने कहा, “जीत कोई ऐसा लक्ष्य नहीं है जिसे एक दिन हासिल किया जाए और अगले दिन भुला दिया जाए। यह एक सतत यात्रा है।”
दिनाकरन ने एमजीआर और एआईएडीएमके सुप्रीमो जे जयललिता के सुशासन को फिर से स्थापित करने के लिए आगे कहा, ‘आइए हम सभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर एकता और समन्वय के साथ मैदान पर काम करें।’
उन्होंने कहा, “आगामी विधानसभा चुनावों के माध्यम से आइए हम द्रमुक को स्थायी रूप से घर भेजें जो अपनी तीन नीतियों धोखे, धोखाधड़ी और विश्वासघात से लोगों को परेशान कर रही है।”
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