हैदराबाद में सप्ताहांत की घटनाएँ जिन्हें आप मिस नहीं कर सकते (जनवरी 9-11)| भारत समाचार

अमरावती कला (पुस्तक एवं इतिहास चर्चा)

इस हरित उत्सव के दौरान, भारत के राष्ट्रपति की संपत्ति का हिस्सा, भव्य उद्यानों को देखने के लिए सभी प्रकृति प्रेमियों को आमंत्रित किया जाता है (मनोज वर्मा/एचटी)

क्या: कृष्णा नदी घाटी में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व और तीसरी शताब्दी ईस्वी के बीच अमरावती कला विद्यालय का प्रभुत्व देखा गया। यह तब था जब बौद्ध कला और वास्तुकला और धर्म के अनुष्ठान, साहित्यिक, राजनीतिक और नैतिक विचारों में जबरदस्त विकास हुआ।

लेखक कृष्णमूर्ति पुन्ना की पुस्तक अमरावती आर्ट्स इस बदलाव और कम प्रसिद्ध स्कूल पर प्रकाश डालती है। चर्चा में, वह ध्रानिकोटा और नागार्जुनकोंडा में दो ऐसी साइटों पर अपने काम के बारे में बात करेंगी, और उस समय कला और संस्कृति का अभ्यास कैसे किया जाता था। यह आपके लिए एक ऐसे कला विद्यालय के बारे में और अधिक जानने का मौका है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

कब: 9 जनवरी (शुक्रवार); 6:00

कहाँ: लमाकान, बंद। रोड 1, जीवीके मॉल के पास, बंजारा हिल्स

प्रवेश: मुक्त

निरावल लाइव (संगीत संध्या)

क्या: इस बैठ-बैठकर प्रदर्शन में हैदराबाद के स्थानीय बैंड निरावल और उनके संगीत का जश्न मनाएं। कुछ अच्छे भोजन और पेय का आनंद लेते हुए उच्च-ऊर्जा टॉलीवुड संगीत सुनें। 2015 में जन्मे, यह छह-व्यक्ति फ़्यूज़न बैंड विभिन्न भाषाओं और शैलियों को मिलाकर समकालीन भारतीय संगीत बनाने के लिए जाना जाता है।

कब: शनिवार; 9:00

कहाँ: अकन, दुर्गम चेरुवु के सामने, माधपुर

प्रवेश: BookMyShow पर 199 से शुरू

उद्यान उत्सव (बागवानी और कृषि उत्सव)

क्या: इस हरित उत्सव के दौरान, सभी प्रकृति प्रेमियों को भारत के राष्ट्रपति की संपत्ति का हिस्सा, भव्य उद्यानों को देखने के लिए आमंत्रित किया जाता है। आप क्या देखेंगे: फूलों की विभिन्न प्रजातियाँ और फूलों की सजावट, पर्यावरण-अनुकूल बागवानी और देशी पौधों पर प्रदर्शन, और भारत के विभिन्न क्षेत्रों से जीआई-टैग किए गए उत्पादों का प्रदर्शन। यहां जाकर अपने लिए प्रकृति की स्वस्थ खुराक लें।

कब: जनवरी 9-11 (शुक्रवार से रविवार); सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक

कहाँ: राष्ट्रपति उद्यान, सिकंदराबाद

प्रवेश: मुक्त। Visit.rashtrapatibhavan.gov.in पर रजिस्टर करें

परंपराओं की पंक्तियाँ (कला प्रदर्शनी)

क्या: कलाकार मसुराम रविकांत, डी. जयप्रकाश, नरेश बोल्लु, सरस्वती लिंगमपल्ली और उदय लक्ष्मी चिलुवेरु मानव और पशु चित्र, परिदृश्य और शहर परिदृश्य जैसे विषयों का पता लगाते हैं। यह प्रदर्शनी इस बात का भी सबक है कि कैसे विभिन्न कलाकार केवल पंक्तियों के माध्यम से विभिन्न रचनाएँ बनाते हैं।

कब: जनवरी 9-10 (शुक्रवार और शनिवार); सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक

कहाँ:उदात्त गैलेरिया, वित्तीय जिला

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