‘स्वामी विवेकानन्द ने सभी मनुष्यों की एकता पर बल दिया’

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर अमेरिकन एंड यूरोपियन स्टडीज के पूर्व अध्यक्ष बी.विवेकानंदन ने सोमवार को कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विभिन्न जाति, धर्म और क्षेत्र के बावजूद सभी मनुष्यों की आवश्यक एकता पर जोर दिया।

प्रो.विवेकानंदन केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैपिटल सेंटर परिसर से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद पर व्याख्यान दे रहे थे।

प्रोफेसर विवेकानन्दन ने कहा, विवेकानन्द की शिक्षाओं और अभ्यास का सार तत्त्वमसि या ईश्वर और मनुष्य की आवश्यक एकता थी। वह लोकतांत्रिक समाजवाद में विश्वास करते थे। 1896 में उन्होंने घोषणा की कि ‘मैं एक समाजवादी हूं।’ प्रोफेसर विवेकानन्दन ने कहा, उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव दुनिया को एकजुट करने वाला कारक है।

केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ग्लोबल स्टडीज के डीन, सुरेश रंगराजन ने स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं की शक्ति और एकाग्रता की शक्ति के महत्व पर बात की। प्रोफेसर रंगराजन ने कहा, स्वामी विवेकानन्द का मानना ​​था कि आध्यात्मिक जागृति सार्वभौमिक भाईचारे की ओर जाने का मार्ग है।

कैपिटल सेंटर के निदेशक डॉ. शिवकुमार ने भारत की राष्ट्रीय एकता में स्वामी विवेकानन्द की भूमिका पर बात की।

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