विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति का कहना है कि ऐसी शिक्षा प्रदान करें जो उद्योग की अपेक्षाओं को पूरा करे, बेरोजगार युवाओं के सृजन को कम करे।

विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (वीटीयू) के कुलपति एस. विद्याशंकर ने कहा, “अगर 48,000 इंजीनियरिंग स्नातकों ने राज्य की गारंटी योजना, युवा निधि के लिए पंजीकरण कराया है, तो प्रोफेसरों को इस बारे में आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि हम किस तरह की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। बेरोजगार युवाओं के निर्माण को कम करें।”

10 जनवरी को ग्लोबल एकेडमी ऑफ टेक्नोलॉजी में ‘स्टूडेंट्स इंडक्शन प्रोग्राम (एसआईपी)’ का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, “यह वास्तव में निराशाजनक है कि 48,000 इंजीनियरिंग स्नातकों ने युवा निधि के लिए पंजीकरण कराया है। यह हमारे द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा पर सवाल उठाता है। कम से कम अब जागें और ऐसी शिक्षा प्रदान करें जो उद्योग की अपेक्षाओं को पूरा करती हो।”

उन्होंने कहा, “सच्चाई को समझें कि जब छात्र प्रवेश लेंगे, तभी आपके पास काम होगा। छात्रों के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करें। छात्रों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए वीटीयू के कार्यक्रमों को लागू करें। नवाचार को अधिक महत्व दें।”

इंटर्नशिप को लेकर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा, “हम इंटर्नशिप की आड़ में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा इरादा है कि सभी को वीटीयू के जरिए ही इंटर्नशिप मिले।”

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