पूरे महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को हुए मतदान पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आईं, जिसके केंद्र में मुंबई का बीएमसी मुकाबला था। विपक्षी दलों ने अमिट स्याही, मतदाता सूची और मतदान प्रक्रियाओं पर चिंताओं सहित मतदान में अनियमितताओं का आरोप लगाया, जबकि चुनाव अधिकारियों ने दावों को खारिज कर दिया और कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है।