नई दिल्ली, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा को सूचित किया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर अब तक भारतीय एयरलाइंस ने 4,335 उड़ानें और विदेशी एयरलाइंस ने 1,187 उड़ानें रद्द कर दी हैं।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ान संचालन काफी बाधित हो गया है।
प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि एयरलाइन परिचालन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नायडू ने कहा, “पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण हुई रद्दीकरण के संबंध में, लगभग अब तक, कुल मिलाकर, भारतीय वाहकों ने 4,335 उड़ानें रद्द कर दी हैं, और विदेशी वाहकों ने 1,187 उड़ानें रद्द कर दी हैं।”
यह कहते हुए कि इस संकट के दौरान संचालन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, मंत्री ने कहा कि जब हवाई क्षेत्र ही बंद है तो हमारे लिए इस क्षेत्र में संचालन करने का कोई कारण नहीं है।
नायडू ने कहा कि विमानन मंत्रालय और डीजीसीए उन विशिष्ट देशों में नियामकों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
मंत्री ने कहा, “जब भी हमारे लिए संचालन के लिए कोई स्लॉट उपलब्ध था, हमने संचालन किया है। और मैं आपको बता सकता हूं कि इस संकट के समय में भी लगभग 2,19,780 लोगों ने यात्रा की है।”
नायडू ने कहा कि उनके विभाग और डीजीसीए ने वहां के अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया है।
मंत्री ने कहा, “अभी, कुछ हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं, और हम उनके लिए सुविधा प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, हवाई क्षेत्र खुला होना चाहिए। यात्रा करने के लिए इसे सुरक्षित होना चाहिए। केवल तभी हम नियमित यात्रा कर सकते हैं।”
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