केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाले सरलीकृत आयकर नियम बिना किसी अतिरिक्त आय वाले वेतनभोगी व्यक्ति को पहले से भरे हुए रिटर्न के माध्यम से डेटा को सत्यापित करने और इसे सीधे जमा करने में सक्षम बना सकते हैं।

हाल ही में लागू आयकर अधिनियम, 2025 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने करदाताओं की आसानी के लिए सरल भाषा में नियमों और फॉर्मों का मसौदा भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सार्वजनिक प्रतिक्रिया और टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं, जिन्हें मार्च के पहले सप्ताह तक अधिसूचित किया जाएगा।
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नए सरलीकृत नियमों और फॉर्मों के पीछे के विचार को समझाते हुए उन्होंने कहा: “मकसद यह है कि अनावश्यक फॉर्मों को कैसे कम किया जाए… और अनिवार्य रूप से, ध्यान सही जानकारी प्राप्त करने पर अधिक है।” उन्होंने कहा कि इस कवायद से न केवल आयकर विभाग को डेटा का विश्लेषण करने में मदद मिलेगी, बल्कि अनुपालन में आसानी भी बढ़ेगी। यह करदाताओं को अपने आयकर रिटर्न दाखिल करने में सहायता करेगा और अंततः कर आधार को चौड़ा और गहरा करने में मदद करेगा।