दिल्ली के लाल किले के पास हुए उच्च तीव्रता वाले विस्फोट में जान गंवाने वाले 12 लोगों में से 34 वर्षीय डीटीसी बस कंडक्टर अशोक कुमार, जो कि मूल रूप से अमरोहा जिले के निवासी थे, उनमें से एक थे।
वह काम खत्म करके लौट रहे थे तभी लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल के पास धीमी गति से आ रही कार में विस्फोट हो गया।
इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। इससे कई मीटर दूर खड़े वाहनों की खिड़कियों के शीशे और लाल किला मेट्रो स्टेशन के शीशे टूट गए।
पुलिस ने कहा कि कुमार अपने परिवार के साथ जगतपुरी, नई दिल्ली में एक किराए के मकान में रह रहे थे और दिल्ली परिवहन निगम में कंडक्टर के रूप में काम करते थे, जो राष्ट्रीय राजधानी में बस सेवा प्रदान करता है।
क्षेत्राधिकारी हसनपुर दीप पंत ने बताया कि अशोक कुमार का शव अंतिम संस्कार के लिए अमरोहा लाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लाल किले पर हुए विस्फोट के मद्देनजर पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण से घटना का विवरण मांगा।
कृष्णा ने जिला पुलिस प्रमुखों को कई निर्देश जारी किए, और उनसे जमीन पर रहने और संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में व्यक्तिगत रूप से सुरक्षा की निगरानी करने को कहा।
उन्होंने कहा कि त्वरित प्रतिक्रिया दल, आतंकवाद निरोधी दस्ते, बम निरोधक दस्ते और कुत्ते दस्तों को तैयार रखा गया है, जबकि पैदल गश्त तेज कर दी गई है।
डीजीपी ने अपने निर्देश में कहा कि पुलिस को वाहनों की सख्त जांच सुनिश्चित करने और जनता को असुविधा पहुंचाए बिना मेट्रो स्टेशनों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल और सिनेमाघरों पर सतर्क नजर रखने को कहा गया है।
किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधियों की त्वरित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी फ़ीड का वास्तविक समय विश्लेषण और खुफिया और स्थानीय सूचना नेटवर्क की सक्रिय भागीदारी का आदेश दिया गया है।
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