एर्नाकुलम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय 2017 अभिनेत्री अपहरण और यौन उत्पीड़न मामले में अपना फैसला 8 दिसंबर को सुनाएगा, जिसमें मलयालम अभिनेता दिलीप आठवें आरोपी हैं।
प्रधान सत्र न्यायाधीश हनी एम वर्गीस द्वारा सुनाया जाने वाला फैसला, मामले की सुनवाई शुरू होने के आठ साल बाद और सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसमें तेजी लाने के लिए कई अनुस्मारक के बाद आया है।
शिकायतकर्ता ने न्यायाधीश को बदलने की मांग करते हुए दो बार उच्च न्यायालयों का रुख किया, जिसके कारण कार्यवाही बाधित हुई।
यह मामला 17 फरवरी, 2017 को कोच्चि के बाहरी इलाके में मामले के पहले आरोपी सुनील कुमार उर्फ ’पल्सर’ सुनी के नेतृत्व वाले एक गिरोह द्वारा चलती कार में एक महिला अभिनेता के अपहरण और बलात्कार से संबंधित है। कथित तौर पर यौन उत्पीड़न की वीडियोग्राफी भी की गई।
आपराधिक साजिश, अपहरण सहित अन्य आरोपों का सामना कर रहे अभिनेता दिलीप पर अभिनेत्री मंजू वारियर के साथ उनके अलगाव और अंततः तलाक में कथित तौर पर शामिल होने के कारण महिला अभिनेता पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। एक स्टेज शो की रिहर्सल के मौके पर दिलीप और महिला अभिनेता के बीच कथित तौर पर झगड़ा भी हुआ था।
दिलीप को जुलाई 2017 में केरल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और मामले में जमानत मिलने से पहले उन्होंने 88 दिन जेल में बिताए थे।
दिलीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ”निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया है।
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मामले की सुनवाई में निर्देशक बालचंद्र कुमार के खुलासे के बाद एक नया मोड़ आया कि उन्होंने दिलीप को अलुवा स्थित अपने आवास पर अपने फोन पर यौन उत्पीड़न के दृश्य देखते हुए देखा था। उन्होंने गवाही भी दी थी और मीडियाकर्मियों को बताया था कि उन्होंने सुनील कुमार को दिलीप के आवास पर देखा था और अभिनेता ने उस समय मामले के प्रभारी डीएसपी बैजू पॉलोज़ सहित पुलिस अधिकारियों के जीवन को खतरे में डालने की साजिश रची थी।
निर्देशक के दावों के आधार पर दिलीप के खिलाफ एक नई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई। बालचंद्र कुमार का पिछले साल दिसंबर में हृदय और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण निधन हो गया।
दिलीप और सुनील कुमार के अलावा मामले में अन्य आरोपी मार्टिन एंटनी, बी मणिकंदन, वीपी विजेश, सलीम, प्रदीप, चार्ली थॉमस और सानिल हैं।
अदालत ने लगभग 1,700 दस्तावेजों और 261 गवाहों पर विचार किया, जिनमें से कई मुकर गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्यवाही बंद कमरे में की गई।
