आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक गुरुवार को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कचनार शहर में शुरू हुई.

बैठक का उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने किया. (पीटीआई)
बैठक का उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने किया. (पीटीआई)

बैठक का उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने किया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक पदाधिकारी के हवाले से बताया कि पहले दिन की चर्चा देश भर में एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित करने के इर्द-गिर्द घूमती रही।

आरएसएस के सह-मीडिया प्रभारी नरेंद्र कुमार ने कहा, “इस बैठक में कुल 407 कार्यकर्ता शामिल होंगे, जिनमें आरएसएस के सभी छह संयुक्त सरकार्यवाह-कृष्ण गोपाल, मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार और अतुल लिमये के साथ-साथ अखिल भारतीय कार्यकारी समिति के सदस्य, संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के आमंत्रित कार्यकर्ता शामिल होंगे।”

उन्होंने कहा, “यह एक बंद बैठक होगी जहां एसआईआर, आरएसएस के घर-घर अभियान की तैयारी, हिंदू सम्मेलन, सद्भावना बैठक, शताब्दी वर्ष के दौरान होने वाले प्रमुख सार्वजनिक सेमिनार, विजयदशमी समारोह की समीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आंतरिक चर्चा होगी।”

बैठक में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी.

गुरुवार को हाल ही में निधन हुए सामाजिक हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें राष्ट्रीय सेविका समिति की पूर्व मुख्य संचालिका प्रमिला ताई मेधे, वरिष्ठ प्रचारक मधुभाई कुलकर्णी, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, दिल्ली के वरिष्ठ राजनेता विजय मल्होत्रा, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री कस्तूरीरंगन, पूर्व राज्यपाल एल. गणेशन, गीतकार पीयूष पांडे, फिल्म अभिनेता सतीश शाह और पंकज धीर, हास्य कलाकार असरानी और प्रसिद्ध असमिया संगीतकार जुबिन गर्ग के साथ-साथ शामिल हैं। पहलगाम में हिंदू पर्यटकों, एयर इंडिया दुर्घटना और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पंजाब सहित देश के अन्य हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं में मारे गए लोगों के लिए।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समुदाय के सहयोग से स्वयंसेवकों द्वारा किये गये सेवा कार्यों की भी जानकारी दी गयी.

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